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इंडियन नर्सेस के लिए कोर्सेज और करियर ऑप्शन्स


नर्स के करियर में आपको काफी संतुष्टि प्राप्त होगी और बेहतरीन वेतन भी मिलेगा. इंडियन नर्सेस के लिए देश-दुनिया में बहुत उज्ज्वल करियर संभावनाएं हैं.

भारतीय महिलाओं के बीच नर्सिंग काफी पसंदीदा पेशा है. नर्सिंग एक ऐसा मेडिकल प्रोफेशन है जिसमें पेशेंट्स की पूरी देखभाल की जाती है. देश-दुनिया में अक्सर अपने पेशेंट्स की देख-भाल करते हुए नर्सों को काफी चुनातियों का सामना भी करना पड़ता है. हर साल भारत में तकरीबन 22 हजार नर्सों के लिए सरकारी वेकेंसी निकलती है. एक अनुमान के मुताबिक, भारत से हर साल तकरीबन 15 – 20 हजार नर्सें विदेश में जॉब ज्वाइन करती हैं लेकिन, अभी भी भारत में तकरीबन 4 लाख नर्सों की कमी है. राजस्थान और केरल राज्य से सबसे ज्यादा लोग नर्स का करियर ज्वाइन करते हैं.  

एक सर्वे के मुताबिक इस समय भारत में 10 लाख से कुछ अधिक नर्सों के नाम नर्सिंग काउंसिल ऑफ़ इंडिया के पास रजिस्टर्ड हैं लेकिन, केवल 04 लाख नर्सें ही इस समय सक्रिय तौर पर काम कर रही हैं. भारत सरकार की 130 जरनल नर्सिंग मिडवाइफरी और 130 ऑक्सिलिअरी नर्सिंग मिडवाइफरी स्कूल खोलने की योजना है. भारत के सभी राज्यों में स्टेट नर्सिंग काउंसिल और नर्सिंग सेल को मजबूत बनाया  जा रहा है.

भारत में इन दिनों नर्सिंग में महिलाओं के साथ- साथ पुरूष भी बड़ी संख्या में करियर बना रहे हैं. अब हमारे देश में नर्सिंग प्रोफेशन में एवरेज फीमेल-मेल रेश्यो 90:10 है. भारत में हेल्थ सर्विसेज को ज्यादा बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार कई कदम उठा रही है. हाल ही में नर्सों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने बड़ी संख्या में नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषण की है.

इंडियन नर्सेस के लिए एलिजिबिलिटी और एकेडमिक क्वालिफिकेशन्स

हमारे देश में किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से साइंस स्ट्रीम के साथ अपनी 10वीं (डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेने के लिए) और 12वीं क्लास कम से कम 45% मार्क्स के साथ पास करने वाले स्टूडेंट्स निम्नलिखित एजुकेशनल कोर्सेज करके इस करियर को अपना सकते हैं:

डिप्लोमा लेवल के कोर्सेज और इन कोर्सेज की ड्यूरेशन

  • ऑक्सिलिअरी नर्सिंग एंड मिडवाइफ – 18 महीने
  • जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ – 3 – 5 वर्ष  

अंडरग्रेजुएट लेवल के डिग्री कोर्सेज और इन कोर्सेज की ड्यूरेशन

  • बीएससी – नर्सिंग (बेसिक) – 4 वर्ष
  • बीएससी – नर्सिंग (पोस्ट बेसिक) – 2 वर्ष
  • बीएससी – नर्सिंग (डिस्टेंस) – 3 वर्ष

पोस्टग्रेजुएट लेवल का डिग्री कोर्स और इस कोर्स की अवधि

  • एमएससी – नर्सिंग – 2 वर्ष

डॉक्टोरल लेवल के कोर्सेज और इन कोर्सेज की अवधि

  • एमफिल – नर्सिंग – 1 वर्ष (फुल टाइम कोर्स)
  • एमफिल – नर्सिंग – 2 वर्ष (पार्ट टाइम कोर्स)
  • पीएचडी – नर्सिंग – 3 – 5 वर्ष

 इंडियन नर्सिंग के लिए प्रमुख स्पेशलाइजेशन्स

मेडिकल साइंस, पेशेंट कंडीशन और हेल्थ एवं बीमारियों से जुड़े विभिन्न स्पेशलाइजेशन कोर्सेज करके आप नर्सिंग की फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं. कुछ प्रमुख स्पेशलाइजेशन कोर्सेज हैं – नर्सिंग – टीबी, कैंसर, क्रिटिकल केयर, नियोनेटल, एमरजेंसी एंड डिजास्टर, ऑपरेशन रुम, पेडियेट्रिक, नेफ्रोलॉजी, कार्डियो-लॉजी, ओर्थोपेडिक, साइकाइट्री, लेप्रसी, ओप्थेल्मिक, न्यूरोलॉजी, न्यूरो-सर्जरी, ऑन्कोलॉजी और मिडवाइफरी.   

भारत में इन प्रमुख इंस्टीट्यूशंस से करें नर्सिंग कोर्सेज

  1. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली
  2. दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली
  3. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एजुकेशन, चंडीगढ़
  4. बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
  5. आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी ऐंड रिसर्च, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
  6. धनवंतरि कॉलेज ऑफ नर्सिंग, तमिलनाडु
  7. श्री गंगा राम हॉस्पिटल, राजेन्द्र नगर, बिहार
  8. वीएमएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, बटाला, पंजाब
  9. भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पुणे, महाराष्ट्र
  10. श्री शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, भिलाई, छत्तीसगढ़
  11. केएमसीएच कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कोयंबटूर, तमिलनाडु
  12. केएमसीटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, केरल
  13. अपोलो स्कूल ऑफ नर्सिंग, चेन्नई

नर्सेस के लिए जरुरी स्किल सेट

इस पेशे के लिए महीला और पुरुष कैंडिडेट्स के पास सूटेबल एजुकेशनल क्वालिफिकेशन होने के साथ-साथ कुछ अन्य जरुरी गुण भी होने चाहिए जैसेकि:

  1. व्यक्ति के स्वाभाव में दया और दूसरे लोगों की हमेशा मदद करने की आदत शामिल हो.
  2. व्यक्ति का बातचीत करने का तरीका काफी बढ़िया होना चाहिए ताकि वे पेटेंट्स की बात समझ सकें और अपनी बात उन्हें समझा सकें.
  3. टीम वर्क का गुण भी है जरुरी क्योंकि इन्हें डॉक्टर्स और अन्य नर्सों के साथ मिलकर काम करना होता है.
  4. लॉन्ग शिफ्ट्स और प्रेशर में काम करने का स्टेमिना हो.
  5. शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक तौर पर पूरी तरह हेल्दी हो.
  6. गंभीर रूप से बीमार या मानसिक तौर पर परेशान पेशेंट्स से निपटने में कुशल हों.
  7. अपने पेशे के प्रति निष्ठावान हो और पेशे की मोरल वैल्यूज़ और एथिक्स को फ़ॉलो करे.

इंडियन नर्सेस के लिए प्रमुख करियर ऑप्शन्स

  1. नर्स
  2. स्टाफ नर्स  
  3. चीफ नर्स
  4. असिस्टेंट नर्स
  5. सोशल हेल्थ केयर वर्कर
  6. असिस्टेंट नर्सिंग सुपरीटेंडेंट
  7. डिपार्टमेंट सुपरवाइज़र
  8. डिप्टी नर्सिंग सुपरीटेंडेंट
  9. नर्सिंग सुपरवाइज़र/ वार्ड सिस्टर
  10. डायरेक्टर – नर्सिंग
  11. नर्सिंग सुपरीटेंडेंट
  12. टीचर – नर्सिंग
  13. कम्युनिटी हेल्थ केयर नर्स
  14. मिलिट्री नर्स
  15. इंडस्ट्रियल नर्स
  16. नर्सिंग सर्विस एडमिनिस्ट्रेटिव
  17. नर्सिंग सर्विस – ओवरसीज़

इंडियन नर्सेस का प्रमुख रूटीन वर्क

वैसे तो नर्सेस को हॉस्पिटल या किसी हेल्थ केयर यूनिट में अपने पेशेंट्स की देखभाल से संबंधित सारे काम करने पड़ते हैं लेकिन, फिर भी उनके रूटीन वर्क में निम्नलिखित कामकाज को शामिल किया जा सकता है:

  1. पेशेंट्स के इलाज में डॉक्टर्स को असिस्ट करना और पेशेंट्स को समय पर दवाई देना, इंजेक्शन लगाना, मरहम-पट्टी करना, उनका ब्लड प्रेशर, शुगर और टेम्परेचर चेक करना, पेशेंट्स को खाना खिलाना आदि.
  2. पेशेंट्स के इलाज और देखभाल में 24×7 तत्पर रहना.
  3. पेशेंट्स की हेल्थ-कंडीशन पर नजर रखना.
  4. पेशेंट्स और उनके रिश्तेदारों को सारी जरुरी जानकारी देना.
  5. पेशेंट्स की मेडिसिन के साथ-साथ खान-पान या परहेज का पूरा ध्यान रखना.
  6. पेशेंट्स की शारीरिक सफाई और आस-पास या पेशेंट्स के कमरे की साफ़-सफाई का पूरा ध्यान रखना.

इंडियन नर्सेस के लिए प्रमुख रिक्रूटिंग इंस्टीट्यूशन्स

नर्स के पेशे में क्वालिफाइड और ट्रेंड कैंडिडेट्स के लिए भारत में गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर के विभिन्न इंस्टीट्यूशंस में जॉब के काफी अवसर मौजूद हैं. भारत में नर्सेस को जॉब्स ऑफर करने वाले  प्रमुख रिक्रूटर्स निम्नलिखित हैं:

  1. गवर्नमेंट और प्राइवेट हॉस्पिटल्स
  2. गवर्नमेंट/ प्राइवेट क्लिनिक्स
  3. गवर्नमेंट/ प्राइवेट सुपर-स्पेशैलिटी हॉस्पिटल्स
  4. आर्मी हॉस्पिटल्स  
  5. नर्सिंग होम्स/ मैटरनिटी होम्स  
  6. ओल्ड-एज होम्स
  7. कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स
  8. मेडिकल लेबोरेटरीज़
  9. रूरल हेल्थकेयर सेंटर्स
  10. रूरल/ अर्बन हेल्थ केयर यूनिट्स
  11. इंटेंसिव केयर/ क्रिटिकल केयर यूनिट्स
  12. नर्सिंग कॉलेज/ स्कूल्स
  13. रिहैबलिटेशन सेंटर्स
  14. साइकियाट्रिक हॉस्पिटल्स
  15. इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी
  16. इंडियन नर्सिंग काउंसिल
  17. स्टेट नर्सिंग काउंसिल
  18. एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस – नर्सिंग
  19. NGOs – हेल्थ इश्यूज़

इंडियन नर्सेज का सैलरी पैकेज

यकीनन हमारे देश भारत सहित दुनिया-भर के गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर्स में क्वालिफाइड और ट्रेंड नर्सों को काफी आकर्षक सैलरी पैकेज दिया जाता है. हमारे देश में किसी फ्रेशर नर्स को शुरू में 15 – 20 हजार रुपये मासिक सैलरी मिलती है. कुछ वर्षों के अनुभव के बाद किसी नर्स को आमतौर पर 30 – 40 हजार रुपये मासिक मिलते हैं और इस फील्ड में 15 – 20 वर्षों का वर्क एक्सपीरियंस रखने वाली नर्स को एवरेज 50 हजार – 80 हजार रुपये मासिक या उससे अधिक का सैलरी पैकेज मिलता है.

इंडियन नर्सेस की है विश्व में सबसे अधिक मांग

अपने पेशेंट्स के साथ मानवीय और अच्छे व्यवहार के साथ-साथ अपने काम के प्रति निष्ठा एवं कार्य-कुशलता के कारण भारतीय नर्सें विश्व में सबसे अच्छी नर्सें मानी जाती हैं. दूसरे देशों में जाकर काम करने के मामले में सबसे अधिक संख्या भारतीय नर्सों की ही है. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ यूरोपीय देशों में भी भारतीय नर्सों की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. ब्रिटेन में नर्सिंग का काम करने वाली विदेशी महिलाओं में सबसे अधिक संख्या भारतीय महिलाओं की है.

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