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सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर, शेयरों में तेजी से बाजार को मिली मजबूती

मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्रों में तेजी रही और दोनों सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। मुख्य रूप से वाहन, बिजली और बैंक शेयरों में तेजी से बाजार को मजबूती मिली।

तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स एक समय कारोबार के दौरान 60,476.13 के रिकॉर्ड स्तर तक चला गया था। अंत में यह 76.72 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,135.78 की रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50.75 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ अब तक के रिकॉर्ड स्तर 17,945.95 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान यह 18,041.95 अंक तक चला गया था। सेंसेक्स के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में मारुति का शेयर रहा। इसके अलावा पावर ग्रिड, आईटीसी, एनटीपीसी, एसबीआई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक बैंक और एचडीएफसी बैंक में भी प्रमुख रूप से तेजी रही।

दूसरी तरफ, टीसीएस को सर्वाधिक 6 प्रतिशत का नुकसान हुआ। कंपनी का दूसरी तिमाही का परिणाम बाजार उम्मीद के अनुरूप नहीं रहने से शेयर नीचे आया। कंपनी ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद वित्तीय परिणाम की घोषणा की थी। उसका एकीकृत शुद्ध लाभ सितंबर 2021 को समाप्त तिमाही में 14.1 प्रतिशत बढ़कर 9,624 करोड़ रुपए रहा।

एमके ग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार टीसीएस का दूसरी तिमाही का परिणाम बाजार की उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। कंपनी की कर पूर्व आय और कमाई उम्मीद के मुकाबले कम रही। टीसीएस के अलावा टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक और रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.76 प्रतिशत तक नीचे आए।

आनंद राठी के इक्विटी शोध प्रमुख (बुनियादी) नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख के साथ घरेलू बाजार में शुरूआत अच्छी रही। कोविड संक्रमण के मामलों में कमी के साथ आठ देशों में टीका ले चुके लोगों के लिए यात्रा से जुड़े नियमों में ढील से धारणा को बल मिला।

उन्होंने कहा, दोपहर कारोबार में भी बाजार अच्छी स्थिति में थी। ब्याज दर से संबद्ध वाहन, रियल्टी और जन उपयोगी सेवाओं से संबद्ध शेयरों में तेजी रही।कारोबारियों की धारणा देश के निर्यात में अच्छी वृद्धि के आंकड़े से भी बल मिला। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान निर्यात 197 अरब डॉलर पहुंच गया है।

सोलंकी के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की अक्टूबर में अबतक शुद्ध रूप से 1,997 करोड़ रुपए की लिवाली की खबर से भी धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग और टोक्यो लाभ में रहे, जबकि शंघाई नुकसान में रहा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में ज्यादातर में दोपहर कारोबार में गिरावट का का रुख रहा। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.12 प्रतिशत बढ़कर 84.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरकी डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर 37 पैसे टूटकर 75.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।(भाषा) 


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