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90 के दशक के सचिन तेंडुलकर के जैसे हैं बाबर आजम के हालात: सलमान बट्ट

हाइलाइट्स

  • सलमान बट्ट ने कहा कि सचिन और बाबर के बीच तुलना नहीं लेकिन परिस्थितियां एक जैसी
  • बट्ट ने कहा बाबर आजम को दूसरे छोर पर नहीं मिल रहा पूरा साथ, अकेले ही संभाल रहे जिम्मेदारी
  • बट्ट ने सचिन का उदाहरण देते हुए कहा कि एक वक्त था जब सचिन अकेले ही रन बनाते थे

नई दिल्ली
सलमान बट्ट ने कहा है कि मौजूदा पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम उसी दौर से गुजर रहे हैं जिससे 90 के दशक में सचिन तेंडुलकर गुजर रहे थे।

पूर्व कप्तान ने कहा कि सचिन वाली कहानी बाबर के साथ भी हो रही है। उस दौर में भारत सचिन को दूसरी ओर से समर्थन न मिलने के बाद हार रहा था।

अपने यूट्यूब चैनल पर सलमान बट्ट ने कहा कि उनकी नजर में बाबर आजम की आलोचना करना सही नहीं है। उनका मानना है कि बाबर के हाथ में इस समय काफी कठिन चुनौती है। बट्ट ने कहा, ‘क्रिकेट के बड़े-बड़े नाम बाबर की तारीफ किसी वजह से करते हैं। मैं उनकी तुलना सचिन तेंडुलकर के साथ नहीं कर रहा हूं। तुलना हो भी नहीं सकती है लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि उनकी स्थिति भी तेंडुलकर जैसी है।’

हमें बाबर आजम को सपॉर्ट करना चाहिए। एक बल्लेबाज के तौर पर यह आसान नहीं होता कि दूसरे छोर पर बल्लेबाज आते-जाते रहें और आप ही को ज्यादातर रन बनाने हों।

सलमान बट्ट, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान

बट्ट ने आगे कहा, ‘एक वक्त था जब भारतीय बल्लेबाजी काफी हद तक सचिन तेंडुलकर पर निर्भर थी। यह कुछ ऐसा था कि अगर सचिन तेंडुलकर रन बनाएंगे तो भारत बड़ा स्कोर बनाएगा। उन्होंने कई बड़ी पारियां खेलीं। हालांकि दूसरे छोर से शायद ही कोई सपॉर्ट मिलता था और भारत अकसर मैच हार जाता था।’

बट्ट ने आगे कहा, ‘बाबर आजम के साथ भी ऐसी ही परिस्थिति है। मोहम्मद रिजवान बीते छह महीनों से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन अगर आप बीते दो साल से ज्यादातर बाबर आजम अकेले ही रहे हैं। और साथ ही उन्हें अभी इतना अनुभव नहीं है और न ही वह तेंडुलकर की लीग में पहुंचे हैं। दरअसल, वह उसके आधे भी नहीं हैं।’

पाकिस्तान के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘हमें बाबर आजम को सपॉर्ट करना चाहिए। एक बल्लेबाज के तौर पर यह आसान नहीं होता कि दूसरे छोर पर बल्लेबाज आते-जाते रहें और आप ही को ज्यादातर रन बनाने हों। कोई भी मानसिक रूप से इतना मजबूत नहीं होता। बाबर आजम अपनी कप्तानी में बतौर बल्लेबाज बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। यह एक टीम गेम है, कम से कम पांच से छह लोगों को लगातार प्रदर्शन करना होगा तभी टीम अच्छा खेलेगी।’


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