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Interesting Facts: स्पेस में क्या खाते हैं अंतरिक्ष यात्री? जानें पृथ्वी से बाहर की दुनिया की रोचक बातें

हाइलाइट्स

  • यहां जानें अंतरिक्ष यात्री क्या खाते हैं
  • कैसे बनाता हैं अपना खाना?
  • कैसे हुआ अंतरिक्ष में भोजन का विकास?

What Astronauts Eat In Space: अंतरिक्ष में लॉन्च किए गए हार्डवेयर के हर टुकड़े के लिए वजन (Weight) और मात्रा (volume) हमेशा प्राथमिक डिजाइन कारक (primary design factors) रहे हैं। शटल कोई अपवाद (exception) नहीं है।

क्या आप जानते हैं कि अंतरिक्ष (space) में भोजन के लिए अनुमानित वजन 1.72 किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्रति दिन तक सीमित है जिसमें 0.45 किलोग्राम पैकेजिंग वजन भी शामिल है? ऐसा इसलिए है क्योंकि अंतरिक्ष के शून्य गुरुत्वाकर्षण (zero gravity of space) के लिए इसे एक विशेष प्रसंस्करण (processing) और पैकेजिंग तकनीक की आवश्यकता होती है। सभी भोजन पहले से पका हुआ या संसाधित (processed) होता है इसलिए इसे किसी भी प्रशीतन (refrigeration) की आवश्यकता नहीं होती है।

अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में किस प्रकार के खाद्य पदार्थ खाते हैं (Types of foods that astronauts eat in space)

  1. थर्मो-स्टेबलाइज्ड (Thermo-stabilized) : एल्युमीनियम या बाईमेटेलिक टिन्स में हीट प्रोसेस्ड फूड्स और रिटॉर्ट पाउच सबसे ज्यादा प्रोसेस्ड फूड हैं।
  2. विकिरणित (Irradiated): इन खाद्य पदार्थों को आयनकारी विकिरण (ionizing radiation) के संपर्क में आने से संरक्षित (preserved) किया जाता है और लचीली पन्नी के टुकड़े वाले पाउच में पैक किया जाता है।
  3. मध्यम नमी वाले खाद्य पदार्थ (Intermediate moisture foods): ये कम नमी वाले सूखे खाद्य पदार्थ होते हैं जैसे सूखे खुबानी, जो लचीले पाउच में पैक किए जाते हैं।
  4. फ्रीज किए गए सूखे भोजन (Freeze dried foods): ये दूसरे सबसे आम फूड हैं। उन्हें खाने के लिए तैयार किया जाता है, जमे हुए और फ्रीज ड्रायर में सुखाया जाता है यह प्रक्रिया पानी को हटा देता है। इस तरीके से तैयार सूखे फूड जैसे फल वैसे ही खाए जा सकते हैं जबकि अन्य को खाने से पहले गर्म या ठंडे पानी की जरूरत होती है।
  5. पुनर्जलीकरण योग्य (Rehydratable) : सूखे खाद्य पदार्थ और अनाज जो शटल ऑर्बिटर के ईंधन सेल सिस्टम द्वारा उत्पादित पानी के साथ पुनर्जलीकरण ( rehydrated) किया जाता है, पानी के इंजेक्शन के लिए एक सेप्टम के साथ एक अर्ध-कठोर प्लास्टिक कंटेनर (semi-rigid plastic container) में पैक किया जाता है, इस श्रेणी में आते हैं।
  6. प्राकृतिक रूप (Natural Form): नट्स, क्रंच बार और कुकीज जैसे खाद्य पदार्थ। लचीले प्लास्टिक पाउच में पैक करके अपने प्राकृतिक रूप में अंतरिक्ष में ले जाया जाता है।
  7. पेय पदार्थ (Beverages): उड़ानों की तरह, पेय पदार्थों को पाउडर मिक्स रूपों में ले जाया जाता है, इसलिए इसमें कॉफी बनाने के लिए बस गर्म पानी मिला सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:Indian Foods in English: समोसे को अंग्रेजी में क्या कहते हैं? जान लें आपकी फेवरेट डिशेज़ के इंग्लिश नाम

‘अंतरिक्ष यात्री भोजन’ का विकास (Evolution of ‘astronaut food’)

  1. पहले, अंतरिक्ष यात्री सॉफ्ट फूड या बेबी फूड को टूथपेस्ट जैसे ट्यूब में ले जाते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में, अंतरिक्ष यात्री जो फूड अंतरिक्ष में खाते हैं, उनका विस्तार कुछ नई प्रसंस्करण तकनीकों (processing techniques) के माध्यम से किया गया है।
  2. आपको बता दें कि 1961-1963 में, अंतरिक्ष यात्रियों को क्यूब्स, फ्रीज टेक्निक से तैयार सूखे पाउडर और एल्यूमीनियम ट्यूबों में पैक किए गए अर्ध-तरल (semi-liquids) पदार्थ खाने पड़े।
  3. जेमिनी मिशन (1964-1967) के दौरान, खाने में कुछ सुधार हुआ, बाइट साइज फूड को जिलेटिन के साथ कोट किया गया। जेमिनीअंतरिक्ष यात्रियों के पास हलवा और सेब की चटनी के रूप में भोजन के विकल्प थे।
  4. अपोलो प्रोग्राम के समय तक, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता (quality) और विविधता (variety) में वृद्धि हुई। उन्होंने स्पून बाउल (spoon bowls) का उपयोग करना शुरू कर दिया।
  5. लेकिन अंतरिक्ष यात्रियों की खाने की आदतों में सबसे बड़ा बदलाव स्काईलैब (1973-1974) के दौरान देखने को मिला। स्काईलैब में एक बड़ा आंतरिक क्षेत्र है जिसमें भोजन कक्ष उपलब्ध है। क्योंकि स्काईलैब व्यापक रूप से बड़ा था और इसमें बहुत अधिक भंडारण स्थान (storage space) था, इसने एक बड़ा मेनू (larger menu) ऑफर किया।
  6. अब, शटल अंतरिक्ष यात्री लगभग सब कुछ अंतरिक्ष में ले जा सकते हैं।


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