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Study Abroad Tips: विदेश के कॉलेज में अप्लाई करने से पहले जरूर कर लें ये तैयारियां, आसानी से होगा एडमिशन

हाइलाइट्स

  • विदेश में पढ़ाई के लिए कैसे करें अप्लाई?
  • कैसे चुनें विदेश के कोर्स और यूनिवर्सिटी?
  • यहां जानें आसान टिप्स

How To Take Admission In Foreign University: कई पेरेंट्स चाहते हैं कि उसका बच्‍चा विदेश जाकर पढ़ाई करे, इसके लिए वे तन-मन-धन से पूरा जोर भी लगाते हैं। हालांकि कई बार कॉलेज और विदेश भेजने से पहले की जाने वाली तैयारियां की जानकारी न होने के कारण उनका सपना अधूरा रह जाता है। इसकी तैयारी जितनी जल्दी शुरू कर सकें, उतना ही बेहतर होता है। अगर आप एक-दो साल में ही विदेश जाने वाले हैं तो आपको यह ध्यान रखने की जरूरत है कि किन-किन चीजों की जरूरत होगी और आप किस तरह अपनी प्रोफाइल बनाएं।

कब से और कैसे करें प्लानिंग (Planning To Study Abroad)
विदेश में पढ़ाई करने जाने से पहले कई बातों क ध्‍यान रखना पड़ता है। हर कदम के बारे में पहले से योजना बनाकर चलना बेहतर कदम हो सकता है। जल्द योजना बनाने से हर कदम की बेहतर तरीके से तैयारी हो पायेगी। आमतौर पर छात्र 11 वीं या 12 वीं क्लास में इस बारे में सोचना शुरू करते हैं। इसके बाद उन्हें लगता है कि अब तो काफी देर हो चुकी है, अगर आपका बच्चा आपसे यह 9वीं क्लास में बता दे कि उसे बेहतर पढ़ाई के लिए विदेश जाना है, तो आपको काफी आसानी हो सकती है।

काउंसिलिंग सेशन
अपने बच्‍चे की काउंसिलिंग के लिए किसी मेंटॉर की तलाश करें, अगर कोई वहां पढ़ने वाला या पढ़ चुका व्यक्ति मिल जाये तो उसे आपको सही स्थिति की जानकारी मिल सकती है। काउंसिलिंग सेशन में भी कोर्स, कॉलेज, एप्लिकेशन प्रोसेस, बेस्ट ऑप्शंस, वीजा संबंधी औपचारिकता, डिपार्चर से पहले के वर्कशॉप और फाइनल डिपार्चर आदि के बारे में जानकारी मिल सकती है। इन सबमें हालांकि 8-10 महीने का समय लगता है, इससे बच्चे को तैयारी में काफी मदद मिलती है।

यह ध्यान रखें कि कुछ काउंसिलर बच्चे को किसी खास कोर्स की तरफ खींचने की कोशिश करते हैं, वे किसी खास यूनिवर्सिटी के लिए भी जोर देते हैं, क्योंकि इसमें उनकी रूचि होती है, उनसे बात करने से पहले सारी तैयारी रखें। अपना सवाल भी रखें और हर समय काउंसिलर की बात ही न सुनें।
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कोर्स का चुनाव (Course Selection For Study Abroad)
यूनिवर्सिटी में लगातार नए कोर्स लांच किये जाते हैं, हालांकि यह हर जगह उपलब्ध नहीं होते। स्पेसिएलाइजेड कोर्स के लिए पहले ही संपर्क करें, जो आपका बच्चा करना चाहता है, आप शुरुआत में ही कोर्स सेलेक्ट कर अपना समय बचा सकते हैं।

देश का चुनाव (How To Choose Country To Study Abroad)
एक बार कोर्स चुनने के बाद आपको वह देश चुनना चाहिए जहां आप पढ़ाई करना चाहते हैं। हर देश में किसी कोर्स के लिए आवेदन काने के नियम अलग हो सकते हैं। कुछ देशों में एक से अधिक कॉलेज के लिए भी एक ही आवेदन काफी होता है, जबकि कई देशों में आपको हर कॉलेज में अलग से आवेदन करना होता है। इस बीच आपको सामाजिक और सांस्कृतिक चुनौतियों से भी जूझना पड़ता है, मसलन आपने पढ़ाई के लिए किसी देश को चुना और आपके परिवार के लोग चाहते हैं कि आप वहां ना जाएं, यह भी ध्यान रखें हर देश में आपको पढ़ाई के बाद काम करने के लिए वीजा नहीं मिलता।
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यूनिवर्सिटी का चुनाव करें (Choose A University To Study Abroad)
आप अपने बजट और यूनिवर्सिटी के रेपुटेशन के हिसाब से इसका चयन कर सकते हैं। आप वहां के फैकल्टी और प्लेसमेंट रिकॉर्ड को भी देख सकते हैं। पांच-दस कॉलेजों की एक लिस्ट तैयार करें और सावधानी से किसी एक कॉलेज को चुनें।

खर्च का बजट बनाएं
आखरी समय में आपको फंड की समस्या नहीं होनी चाहिए, खासतौर पर जब आपका बच्चा पढ़ाई के लिए विदेश जाने को बिलकुल तैयार हो। इसके लिए आप पहले से ही खर्च का अनुमान लगाते समय सही खर्च जोड़ें, खर्च का यह आकड़ा देश के हिसाब से घटता बढ़ता है। जैसे अमेरिका में पढ़ाई के लिए भेजने में सालाना 25 से 50 लाख रूपये का खर्च आ सकता है, वहीं दूसरे देशों में यह काफी कम हो सकता है।


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